Image Image Image Image Image Image Image Image Image Image

| August 20, 2017

Scroll to top

Top

No Comments

350 वें प्रकाशोत्सव के लिए पटना पूरी तरह श्रद्धालुओं के लिए तैयार

350 वें प्रकाशोत्सव के लिए पटना पूरी तरह श्रद्धालुओं के लिए तैयार
3 Flares Twitter 0 Facebook 0 Google+ 1 Pin It Share 1 StumbleUpon 1 3 Flares ×

10 वे शिख गुरु, श्री गुरु गोबिंद सिंह जी की 350 वे जन्म जयंती के किया पटना पूरी तरह से तैयार है! मुख्यमंत्री नितीश कुमार खुद इसपे नज़र बनाये हुए है! आने वाले श्रद्धालुओं के लिए रविवार को पटना जंक्शन, पाटलिपुत्र स्टेशन, राजेंद्र नगर टर्मिनल स्टेशन, दानापुर स्टेशन पर हेल्प डेस्क काउंटर काम करने लगे। स्टेशन रेलवे के अलावा कई और जगह पे भी हेल्प डेस्क काम करने लगा है। इसके साथ गांधी मैदान और बाईपास टेंट सिटी में अनारक्षित टिकट काउंटर भी खोला गया है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बिहार सरकार 227 निशुल्क बस चला रही है! साथ ही अशोक राजपथ पे जाम को काम करने के लिए श्रद्धालुओं के लिया गंगा नदी में स्टीमर चलाया जायेगा, जिससे श्रद्धालुओं कम समय में गाँधी मैदान से तख्त श्री हरिमंदिर जी पटना साहिब गुरुद्वारा पहुच सके!

श्रद्धालुओं के लिए गाँधी मैदान और बाइपास में टेंट सिटी बनाया गया है! जहा पे उनके ठहरने के लिए उचित व्यवस्था की गए है! तख्त श्री हरिमंदिर जी पटना साहिब गुरुद्वारा को रंग बिरंगे प्रकाश से सजाया गया है! पटना साहिब गुरुद्वारा और बाइपास के टेंट सिटी को सीधे जोड़ने वाले पथ और उससे जुड़े आरओबी को दुल्हन की तरह सजाया गया है। करीब ढ़ाई किलोमीटर का यह मार्ग रात में देखने लायक है।

रिमझिम फुहारों के बीच मंगलवार की सुबह लगभग पांच बजे तख्त श्री हरिमंदिर जी पटना साहिब से प्रभातफेरी अशोक राजपथ पर निकली। प्रभातफेरी में आगे-आगे पंज प्यारे चल रहे थे। पंज-प्यारे के पीछे श्रद्धालु भजन-कीर्तन करते चल रहे थे। दस दिनों तक अहले सुबह निकाली जाने वाली प्रभातफेरी का समापन तीन जनवरी को निकलने वाली बड़ी प्रभातफेरी से होगा। चार जनवरी को गांधी मैदान से नगर कीर्तन निकलेगा। मुख्य समारोह पांच जनवरी को गांधी मैदान तथा दशमेश गुरु का प्रकाशोत्सव तख्त श्री हरिमंदिर जी पटना साहिब में मनाया जाएगा। आने बाले श्रद्धालुओं केलिए पटना बाले स्वागत में लगे है, पूरा बिहार यही चाहता है की श्रद्धालुओं यहाँ से अच्छी यादे ले के जाये,और भविष्य में भी बिहार आते रहे!

Your Comments