पर्दूषण के स्तर को कम करने हेतु, बिहार में पुराने वाहनों पर लगा प्रतिबंध

दुनिया में दिन पर दिन प्रदुषण का अस्तर बढ़ता जा रहा है। बिहार भी इससे अछूता नहीं है। बिहार में भी पर्दूषण का स्तर तेजी के साथ बढ़ रहा हैं जो एक चिंता का विषय हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए बिहार सरकार ने राज्य में वायु प्रदूषण की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए यह बड़ा फैसला लिया है। बिहार सरकार ने पटना समेत राज्य के अन्य जिलों में वायु प्रदूषण के स्तर को कम करने हेतु 15 साल से पुराने वाहनों पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। ताकि वायु प्रदूषण की बिगड़ती स्थिति को ठीक किया जा सके।

इसके मुख्य बिंदु:

1 .राज्य सरकार ने पटना में 15 साल से अधिक पुराने सभी वाणिज्यिक वाहनों पर प्रतिबंध लगा दिया है। क्यों की रिपोर्ट के अनुसार, पटना में पीएम 2.5 का स्तर 428 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर के स्तर पर पहुंच गया है।

.इसके अतिरिक्त पूरे राज्य में निजी वाहनों के परिचालन पर रोक नहीं लगाई है।

.15 साल से अधिक पुराने निजी वाहनों के परिचालन के लिए प्रदूषण की जांच को अनिवार्य कर दिया गया है। पुराने प्रदूषण प्रमाणपत्र का कोई महत्व नहीं होगा। आपको समय समय पर इसकी जांच करानी होगी।

.बिहार के प्रमुख शहरों में वायु प्रदूषण की स्थिति चिंताजनक हो गई है। इसको देखते हुए बिहार सरकार ने ये बड़ा फैसला लिया हैं।

.बिहार की राजधानी पटना देश के सर्वाधिक वायु प्रदूषण वाले टॉप-10 शहरों के लिस्ट में शामिल है।

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