महात्मा गांधी सेतु, कभी शान थी, आज जर्जर है

मोदी ने गांधी सेतु की मरम्मत के लिए 1742 करोड़ रुपए की मंजूरी दी

महात्मा गांधी सेतु, कभी शान थी, आज जर्जर है कब सुधरेगी महात्मा गांधी सेतु की हालत, इस पुल से गुजरने वाला हर नागरिक एक बार जरूर सोचता है। अब उनका ये इंतज़ार खत्म होने बाला है , केंद्र सरकार ने महात्मा गांधी सेतु जीर्णोद्धार के लिए 1472 करोड़ मंजूर किये है| अगले 3 साल में जीर्णोद्धार का काम पूरा होगा| साथ ही इसके बगल में 6000 करोड़ की लागत से एक नए पुल का भी निर्माण कराया जायेगा| नए पुल के निर्माण का वादा नरेंद्र मोदी ने बिहार की जनता से किया था, जिसे ओ पूरा कर रहे है| बिहार से केंद्र सरकार में मंत्री राम विलास पासवान, रवि शंकर प्रसाद, राधा मोहन सिंह, गिरिराज सिंह ने प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया है|

कभी यह पुल अपने लम्बाई के कारण दुनिया भर में जाना जाता था, गांधी सेतु को एशिया का सबसे लम्बा सड़क पुल का गौरव प्राप्त था और आज ये इसपे लगने बाले जाम के कारन जाना जाता है। पुल का एक छोटा हिस्सा तो पूरी तरह टूट गया है और कई जगह पे मरम्त का काम चल रहा है, जिसके कारण पुल के कई हिस्से पे आने और जाने के लिए पुल का एक ओर ही काम में लिया जा रहा है। 5575 मीटर लंबे इस पुल में कुल 45 स्पैन हैं। पुल के बनने में 81 करोड़ लगे थे और अब तक इसके मरम्त में 125 करोड़ से ज्यादा खर्च हो चुके है और बात वही की वही है।

इस पुल का उद्घाटन उस समय देश की प्रधानमंत्री रही श्रीमती इंदिरा गांधी ने की थी। इसका निर्माण गैमोन इंडिया लिमिटेड ने किया था। वर्तमान में यह राष्ट्रीय राजमार्ग 19 का हिस्सा है। उद्घाटन के समय पुल सिर्फ 2 लेन का था, 1987 में पुल को 4 लेन में बदला गया केंद्र और राज्य सरकार के बीच यह पुल अपने पुराने गौरव पाने के इंतज़ार में अटक गया था|

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